Monday, April 2, 2018

पद्मभूषण से नवाजे गये धौनी, 7 साल पहले आज के ही दिन रचा था इतिहास, देखें VIDEO

पद्मभूषण से नवाजे गये धौनी, 7 साल पहले आज के ही दिन रचा था इतिहास, देखें VIDEO

नयी दिल्ली : मुंबई में विश्व कप 2011 के फाइनल में यादगार छक्का जड़कर भारत को खिताब दिलाने के ठीक सात साल बाद महेंद्र सिंह धौनी एक बार फिर सभी के आकर्षण का केंद्र बने जब इस मानद लेफ्टिनेंट कर्नल ने सेना की पोशाक में पद्म भूषण पुरस्कार स्वीकार किया.
राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने धौनी को यह सम्‍मान प्रदान किया. सम्‍मान समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज मौजूद थे. राष्‍ट्रपति कोविंद ने धौनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले 41 व्यक्तियों को ‘पद्म पुरस्कारों’ से सम्मानित किया. पुरस्‍कार लेने के दौरान धौनी भारतीय सेना के ड्रेस में नजर आये. पद्मभूषण मिलने के बाद उन्‍होंने राष्‍ट्रपति को सैल्‍यूट किया.
धौनी के लिए यह खुशनुमा संयोग रहा कि उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान विश्व कप जीत की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर दिया गया. धौनी के नेतृत्व में भारत के दूसरी बार 50 ओवर का विश्व कप जीतने के बाद भारतीय प्रादेशिक सेना ने एक नवंबर 2011 को उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद से सम्मानित किया था.
कपिल देव के बाद धौनी भारत के दूसरे क्रिकेटर हैं जिन्हें यह सम्मान दिया गया. धौनी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से यह पुरस्कार हासिल किया. कई बार के विश्व खिताब विजेता क्यू खिलाड़ी पंकज आडवाणी को भी पद्म भूषण से नवाजा गया. भारत ने 2011 में आज ही के दिन श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता था. धौनी ने वानखेड़े स्टेडियम में छक्का जड़कर 10 गेंद शेष रहते भारत को जीत दिलाकर उसके विश्व कप खिताब के 28 साल के सूखे को खत्म किया था.
धौनी को इससे पहले 2007 में देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न जबकि 2009 में देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री दिया गया. धौनी की तरह आडवाणी भी अपने खेल में काफी सफल रहे हैं और उन्होंने 2006 और 2010 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।

* आज ही के दिन धौनी की अगुवाई में भारत ने दूसरी बार वर्ल्‍ड कप जीता था
गौरतलब हो कि भारत ने 2 अप्रैल 2011 को अपनी धरती में श्रीलंका को 6 विकेट से रौंदकर दूसरी बार वर्ल्‍डकप पर कब्‍जा जमाया था. जिसमें धौनी के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता. धौनी उस मुकाबले में नाबाद रहते हुए 91 रन की पारी खेली थी. उन्‍होंने छक्‍का जड़कर टीम को जीत दिलाया था. धौनी के उस छक्‍के की आज भी चर्चा होती है.
यहां देखें सूची
* पद्म विभूषण
इलयाराजा - कला (संगीत)
गुलाम मुस्तफा खान - कला (संगीत)
पी परमेश्वरन - साहित्य और शिक्षा
* पद्मभूषण
महेंद्र सिंह धौनी - खेल (क्रिकेट)
पंकज आडवाणी - खेल (बिलियर्ड्स / स्नूकर)
फिलिपोस मार क्रिस्सोस्टम - अन्य (अध्यात्मवाद)
अलेक्जेंडर कडकिन (विदेशी / मरणोपरांत) - सार्वजनिक मामलों
रामचंद्रन नागस्वामी - अन्य (पुरातत्व)
वेद प्रकाश नंदा - साहित्य और शिक्षा
लक्ष्मण पाई - कला (चित्रकारी)
अरविंद पारिख - कला (संगीत)
शारदा सिन्हा - कला (संगीत)
* पद्मश्री पुरस्कार
अरविंद गुप्ता - साहित्य और शिक्षा (किफायती शिक्षा के लिए)
लक्ष्मीकुट्टी - चिकित्सा (सर्प दंश)
भज्जू श्याम - कला (चित्रकला - गोंड कला)
सुधांशु बिस्वास - सोशल सर्विस
एमआर राजगोपाल - चिकित्सा (पैलिएटिव केयर)
मुरलीकांत पेटकर - खेल
राजगोपालन वासुदेवन - विज्ञान और इंजीनियरिंग (इनवेशन)
सुभाषिनी मिस्त्री - सामाजिक कार्य
विजयलक्ष्मी नवनीतिकृष्णन - साहित्य और शिक्षा (किफायती शिक्षा)
सुलागट्टी नरसम्मा- चिकित्सा
येशी ढोंडेन - चिकित्सा
रानी और अभय बैंग - चिकित्सा (सस्ती स्‍वास्‍थ्‍य सेवा)
लेंटिना एओ ठक्कर - सामाजिक कार्य (सेवा)
रोमूलस वाइटैकर - अन्य (वन्यजीव संरक्षण)
संपत रामटेके - सोशल वर्क
संदूक रुइत - चिकित्सा (नेत्र विज्ञान)
अनवर जलालपुर - साहित्य और शिक्षा (साहित्य - उर्दू)
इब्राहिम सुतार - कला (संगीत - सूफी)
मानस बिहारी वर्मा - विज्ञान और इंजीनियरिंग (रक्षा)
सीताव्वा जोड्डाती - सामाजिक कार्य
नोफ मारवाई - अन्य (योग)
वी. नानाम्मल - अन्य (योग)

पद्मभूषण से नवाजे गये धौनी, 7 साल पहले आज के ही दिन रचा था इतिहास, देखें VIDEO Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Dabhani Arpita

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